ये ऊगा हुआ दिनकर इसे तो डूब जाना ही है ये ऊगा हुआ दिनकर इसे तो डूब जाना ही है
चाह राह न बन पाई। जिसमें न थी कोई चाह। उसमे थे हजारों राह। चाह राह न बन पाई। जिसमें न थी कोई चाह। उसमे थे हजारों राह।
वैसे ही जिंदगी में अच्छे दोस्तों की कमी होती है। वैसे ही जिंदगी में अच्छे दोस्तों की कमी होती है।
और उतना ही पढ़ाते रहे जितना वो अपना नाम लिख सके ? और उतना ही पढ़ाते रहे जितना वो अपना नाम लिख सके ?
खुद जल जाऊँगी तुम्हारे काम आऊँगी यही स्वभाव मेरा खुद जल जाऊँगी तुम्हारे काम आऊँगी यही स्वभाव मेरा
वह सब मेरे से भी अधिक स्वार्थी थे वह सब मेरे से भी अधिक स्वार्थी थे